मेरा वैचारिक मतभेद जरूर था ( जो अब दूर हो चूका हैं...मुझे दुख है इस विवाद से ) पर मनभेद कभी भी नहीं रहा ..और न है ...और न ही रहेगा कभी .neeshoo tiwari

मीडिया व्यूह कभी कभी कुछ ऐसा हो जाता है.....जिसकी हम उम्मीद भी नहीं कर सकते हैं .......पर हमें बाद में पछतावा जरूर होता है.......पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है..........( दिल्ली ब्लोगर सम्मलेन को लेकर )....वैसे भी क्या हम अपने से बड़ों के बिना आगे... [पूरी पोस्ट]
writer neeshoo

सार्थकता

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[04 Jun 2010 13:59 PM]

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