मिस हॉस्टल ....लघुकथा [एक बार फिर]
आज के अमर उजाला के रूपायन में प्रकशित मेरी लघुकथा मिस हॉस्टल ..... एक बार फिर से मिस हॉस्टल आज हॉस्टल में बहुत गहमागहमी का वातावरण था क्योंकि आज समस्त वरिष्ठ छात्राओं के मध्य में से कोई एक मिस हॉस्टल का बहुप्रतीक्षित ताज पहनने वाली थी. विश्वस्तरीय...
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शेफाली पाण्डे
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[04 Jun 2010 09:19 AM]



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