एक दिन में सिमटती यादें

zindagi कहते हैं यादों का कोई मौसम नहीं होता ....... यादों की फसल हर मौसम में लहलहाती रहती है मगर ऐसा होता कहाँ है ..............ज़िन्दगी इतनी फुरसत देती ही कब है जो यादों में जिया जाये ............ बड़ी मुश्किल से कुछ गिने -चुने दिनों में यादों को समेट देती है... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना
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[04 Jun 2010 08:30 AM]

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