श्रीलाल शुक्ल और राग दरबारी
श्रीलाल शुक्ल और रागदरबारीवीरेन्द्र जैनइसमें कोई सन्देह नहीं कि हिन्दी व्यंग्य के भीष्मपितामह हरिशंकर परसाई ही माने जाते हैं किंतु गत शताब्दी के सातवें दशक में अपने व्यंग्य उपन्यास रागदरबारी के प्रकाशन के बाद श्रीलाल शुक्लजी ने अपनी कुर्सी परसाई जी के...
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वीरेन्द्र जैन
ग्राम्यजीवन का यथार्थ
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[04 Jun 2010 05:19 AM]



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