कल ,आज और कल के विषय में कुछ .........

कुछ इधर से  ,कुछ उधर  से आज---- बीते हुए कल का भविष्य आने वाले कल का अतीत बीता हुआ कल-- जो आज की प्रतीक्षा में अतीत बन गया आने वाला कल--जो कभी आया है ना आएगा आने से पहले ही अतीत बन जायेगा समय---कल आज और कल के बीच ना खत्म होने वाली दौड पल----कल का जिया हुआ आज जीने को आतुर... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक गर्ग
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[04 Jun 2010 01:58 AM]

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