ढूंढ़त है तब पावत नाय
ढूंढ़त है तब पावत नाय, पावत है तो जानत नाय,जान सके तो जान ले मनवा, हाथन फिसलत जाय...जीवन में मानव कितनी ही चीजों को ढूंढ़ता रहता, जैसे शांति, प्रेम, समय, सुख, भगवान् आदि.और जब वो पास में होती हैं तो या उन्हें पहचानता नहीं, या फिर उसकी कीमत नहीं...
[पूरी पोस्ट]
Jayant Chaudhary
8
0
0
0
3
[03 Jun 2010 10:48 AM]



Shuffle








