मैंने चुपके से.......

Shikha Deepak मैंने चुपके से कही थी बात तुमने आम कर दीमुहब्बत पाक़ होती है क्यूँ नीलाम कर दीदिल के राज़ों को कहा था दिल में रखनाजो तेरी मेरी थी वो बात सरे आम कह दीमेरी हालत को भरी महफ़िल में बयाँ करकेतूने इबादत भी मेरी बदनाम कर दी(बहुत पहले लिखी हुई रचना है.........आज... [पूरी पोस्ट]
writer Shikha Deepak

यु ही कुछ

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[03 Jun 2010 01:58 AM]

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