तुम्हारी याद ...............
अकेले में तुम्हारी याद आना अच्छा लगता है,तुम्ही से रूठना तुमको मनाना अच्छा लगता है।धुन्धलकी शाम जब मुंडेर से पर्दा गिराती है,सुहानी रात अपनी लत बिखेरे,पास आती है,तुम्हारा चाँद सा यूँ छत पे आना, अच्छा लगता है।फिजाओं में घुली रेशम नशीला हो रहा मौसम,ओढ़कर...
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DR. PAWAN K MISHRA
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[03 Jun 2010 00:37 AM]



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