जहर

हास्यफुहार खदेरन फाटक बाबू से, “आज शाम तक अगर पचास हजार रूपये का इंतजाम नहीं हुआ तो बेइज्जती से बचने के लिए मुझे जहर पी लेना पड़ेगा। क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?” फाटक बाबू, “क्या करूँ खदेरन? मेरे पास तो एक बूंद भी नहीं है!”... [पूरी पोस्ट]
writer हास्यफुहार

फाटक बाबू

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[02 Jun 2010 14:36 PM]

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