शैले की जीवनोपयोगी उक्तियाँ

गूंजअनुगूंज / GUNJANUGUNJ • अधिकार विनाशकारी प्लेग के समान है; जिसे छूता है नष्ट कर देता है । • कविता सुखी और उत्तम मनुष्यों के उत्तम और सुखमय श्रणों का उद्-गार है । • जिस प्रकार एक निराश चोर चोरों को पकड़नेवाला बन जाता है, उसी प्रकार निराश होकर लेखक आलोचक बन जाते हैं । • आत्मा का... [पूरी पोस्ट]
writer Manoj Bharti

कविता

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[02 Jun 2010 13:38 PM]

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