कवि होना उतना ही कठिन है जितना एक अच्छा इन्सान होना
कवि मोहन साहिल की शिमला से करीब चालीस किलोमीटर दूर ठियोग कस्बे में चाय की दुकान है. पिछले दिनों कुल्लू में एक सेमिनार हुआ जिसमें एस आर हरनोट, अजेय, सुरेश सेन निशांत, मोहन साहिल, ईषिता गिरीश आदि की रचनाओं पर डिग्री कालेज के छात्र-छात्राओं ने परचे पढ़े....
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अनूप सेठी
काव्य विचार
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[02 Jun 2010 12:34 PM]



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