सिर्फ कन्हैया सिर्फ कन्हैया

Jogeshwar Garg सामान्यतया एक ही ग़ज़ल के विभिन्न अशआर अपनेआप में स्वतंत्र इकाई होते हैं. रदीफ़/काफिया के बंधन की बात छोड़ दें तो कथ्य की दृष्टि से हर शेर एक स्वतंत्र एवं परिपूर्ण कविता होती है. रदीफ़, काफिया और बहर उन स्वतंत्र इकाइयों को एक बड़ी इकाई का स्वरुप प्रदान करते... [पूरी पोस्ट]
writer jogeshwar garg

ghazal

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[02 Jun 2010 09:30 AM]

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