ओ छो्रे! क्या कहने तेरे-"फ़कीरा" चिट्ठाकार चर्चा मे (ललित शर्मा)

चिट्ठाकार-चर्चा रेल चली भाई रेल चली--छुक-छुक रेल चली-देश मे विद्यार्थियों का सरोकार रेल से पड़ता है गांव से शहर पढने जाते हैं, बडे शहरों मे लोकल ट्रेन चलती है जिसमे सभी तरह के लोग सवारी करते है. दूर की यात्रा तो सबको करनी पड़ती है........लेकिन ट्रेन में सुविधाओं के नाम पर... [पूरी पोस्ट]
writer ललित शर्मा

यशवन्त मेहता "फ़कीरा"

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[24 Feb 2010 02:43 AM]

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