सेकुलर धीरे -२ देश द्रोही हो रहा है.
भारत में धर्मनिरपेक्षता क़ा अर्थ केवल हिन्दू बिरोध होता जा रहा है ,वोट की राजनीती अब धीरे -२ देश के बिभाजन की ओर ले जा रही है सभी राजनैतिक दलों में तुष्टिकरण की होड़ जैसी लगी है ,पटना के गाधी मैदान में तो रामबिलास पासवान तो पहिचान में ही नहीं आ रहे थे वे...
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दीर्घतमा
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[02 Apr 2010 07:38 AM]



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