एक अद्भुत बैदिक ऋषि कवष येलुश
हमें अच्छी तरह ज्ञात है की ऋषि अगस्त महान द्रष्टा व मंत्राकर होने के बावजूद ,अपने समय के एक अद्भुत जीवत भरा ब्याक्तित्वा होने पर भी सप्त ऋषियों में स्थान नहीं दिया गया। इसका अर्थ यही है की वे ब्राहमण परंपरा वाले ऋषियों में न जाकर किसी अलग सामाजिक श्रेणी...
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दीर्घतमा
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[24 Apr 2010 10:14 AM]



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