डाक्टर महाराज सिंह परिहार के दो गीत
यह गीत रामजन्म आन्दोलन के समय लिखा गया जब आगरा में धर्म के नाम पर दंगा हुआ। यहाँ की गंगा जमुनी संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया गया। आपकी भाईचारे को ध्वस्त करने का प्रयास किया गया। उस दोरान हम आगरा की शानदार विरासत भूल चुके थे।संत नहीं कोई और हैंआज जहरीली...
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डा. महाराज सिंह परिहार
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[01 Jun 2010 23:48 PM]



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