छँटा कोहरा [कहानी] - किरण राजपुरोहित ...

साहित्यशिल्पी.इन "कॉलेज से आते ही माँ ने जैसे ही खबर दी कि नीति आई हुई है तो जैसे मुझे तो पर ही लग गए। सीधी तुझ से मिलने चली आई।.....और बता न कैसी है तू ....सब लोग कैसे हैं....." चहकते हुए अभिधा ने बोलना शुरु किया लेकिन बात पूरी न हुई उससे पहले ही उसे ये एहसास भी हो गया... [पूरी पोस्ट]
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[01 Jun 2010 20:30 PM]

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