दो बातें
नवीनतानयापन है दो तरह का- एक वह, जो पुराना नही दिखताऔर दूसरा वह -जिसके आते पुराने का स्मरण ही न हो......................अनंत दरवाजे, खिड़की और झरोखों सेआसमाँ देखने वाले अनंत, असीम, अपार, जैसी संकल्पनों सेमन बहलातें हैं----------------------- अरुण...
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Arun Khadilkar
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[01 Jun 2010 20:30 PM]



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