पूछ मत आज मुझसे ये क्या हो गया... !
कोई चिराग नहीं है, मगर उजाला है ! ग़ज़ल की शाख पे इक फूल खिलने वाला है !! मित्रों ! काव्य-प्रसून में आज आपके पेश-ए-खिदमत है एक ग़ज़ल ! -- करण समस्तीपुरी पूछ मत आज मुझसे ये क्या हो गया !जिस्म से जान बिल्कुल जुदा हो गया !!आँख की रोशनी छिन गयी आंख से,जो न...
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करण समस्तीपुरी
करण समस्तीपुरी
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[01 Jun 2010 09:06 AM]



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