तीरथ के तारणहार
तीर्थ पुरोहितों या पंडों के बारे में -तहलका- की यह रिपोर्ट पढ़िये, मजा आ जाएगा- संजीवपंडों का नाम भले ही कड़वे अनुभवों का पर्याय बन चुका हो मगर बदरी-केदार के पंडे अपनी विशेषताओं के कारण आज भी अपने यजमानों के दिलों में बसे हैं. मनोज रावत की रिपोर्टबात उन...
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संजीव
साभारः तहलका
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[01 Jun 2010 06:23 AM]



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