एक भयंकर कविता

मन गूंगों ने गाया गानाबहरों ने सुनकर मारी सीटी,लंगड़ों ने दिखाया नाचअंधों ने किया वाह-वाह,मुर्दों ने सुनाए लतीफेलूलों ने खूब बजाई तालियां,लोकतंत्र के अजब मंच परनेताओं ने क्या खूब की नौटंकी !... [पूरी पोस्ट]
writer मिथिलेश श्रीवास्तव
views
11
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
3
[01 Jun 2010 05:19 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix