किरण की सुधि

PACHHUA PAWAN भूली बिसरी सुधियों के संग एक कहानी हो जाये,तुम आ जाओ पास में जो तो रुत रूमानी हो जाये।मन अकुलाने लगता है चंदा की तरुनाई से ,रजनीगंधा बन जाओ तो रात सुहानी हो जाये।रेशम होती हुई हवाए तन से लिपटी जाती है,पुरवाई में बस जाओ तो प्रीत सयानी हो जाये।मन बधने सा... [पूरी पोस्ट]
writer DR. PAWAN K MISHRA
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[31 May 2010 00:38 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix