मेरे राम
मुल्क की उम्मीद-ओ -अरमान मेरे राम,इंसान की मुकम्मिल पहचान मेरे राम। शिवाला की आरती के प्रान मेरे राम,रमजान की अज़ान के भगवान् मेरे राम।काशी काबा और चारो धाम मेरे राम,ज़मीन पे अल्लाह का इक नाम मेरे राम।दर्द खुद लिया दिया मुसकान मेरे राम,ज़हान में मुहब्बते...
[पूरी पोस्ट]
DR. PAWAN K MISHRA
19
2
0
2
9
[01 Jun 2010 01:29 AM]



Shuffle








