पाज़ के बटन

हृदय गवाक्ष उन्होने मुझसे कहा था " दो शेरों की बहन किसी चीज की चिंता नही करती"उस सड़क छाप बैद्य ने जब जाने कौन कौन सी दवा बता कर कहा था कि ये ६ महीने में दौड़ने लगेगी तो मैने रो कर विरोध किया था कि "मुझे तमाशा मत बनाओ, ये कुछ नही कर पायेगा।" और उन्होनेसमझा के कहा था।... [पूरी पोस्ट]
writer कंचन सिंह चौहान

संस्मरण

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[01 Jun 2010 04:06 AM]

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