क्यों पुलकित है ज़लज़ला???

Samvedana Ke Swar पूरे मधुमक्खियों के छत्ते मेंएक रानी होती है लेकिन जब सभी रानी बनकर टूट पड़ें किसी एक पर तो ज़लज़ला आता है!कोई शक्ल नहीं होती उसकीनाम नहीं, जाति नहीं, लिंग भेद नहीं.रक्तबीज की तरह हर पल एक नया रूप धरकर आता है वो सामने.जानते हो क्यों...क्योंकि एक बार अपमानित... [पूरी पोस्ट]
writer सम्वेदना के स्वर

ज़लज़ला

views
25
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
6
[01 Jun 2010 01:31 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix