काशी में एक दिन
---हरिशंकर राढ़ीगेस्ट हाउस में नहा - धोकर लगभग ११ बजे हम काशी विश्वनाथ जी के दर्शन के लिए चल पड़े। काशी में रिक्शे अभी बहुत चलते हैं, भले ही स्वचालित वाहनों की संखया असीमित होती जा रही हो। रिक्शे की सवारी का अपना अलग आनन्द और महत्त्व है। इधर रिक्शा चला और...
[पूरी पोस्ट]
Hari Shanker Rarhi
धर्म
10
1
0
1
5
[01 Jun 2010 00:34 AM]



Shuffle








