गुदेलना - कहिनी

गुरतुर गोठ राधा अपन अंतस के पीरा ला कभू कोनो ल जनान नी देवय। फेर येकर कोनो नइहे कहिके लोगन जइसने पाथे वइसने ताना मारे मा कमी नी करय। राधा ह बिगर धियान दे अपन रसता आवत-जात रिथे। फेर ककरो बहकावा मा नी अईस। रसता मा कतको झन कुछु-न-कुछु कहात रिथे फेर लहुट के जुवाब कोनो... [पूरी पोस्ट]
writer संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari

दीनदयाल साहू

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[31 May 2010 20:35 PM]

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