Road to Sangam (2010) : गाँधी कलश छलके
महात्मा गाँधी की अस्थियों से भरा एक कलश उड़ीसा के एक बैंक के लॉकर में रखा रह जाता है और इकसठ बासठ सालों तक कोई उसकी सुध नहीं लेता और अंत में गाँधी जी के परपौत्र तुषार गाँधी कलश को वहाँ से लाते हैं और उन्हे अस्थियों का विसर्जन इलाहाबाद में संगम पर करना है।...
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cinemanthan
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[31 May 2010 20:14 PM]



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