एक जून ...दो ग़ज़ले...

Nayachintan एक जून... सुधी पाठक अनुमान लगा सकें तो लगा लें, मगर मैं बताऊंगा नही, कि आज के दिन क्या हुआ था. बस इतना ही कहूंगा कि, ज़िंदगी की राह पर अच्छा-खासा अकेला चला जा रहा था, कि कोई और साथ आ गया और बोला, ''अकेले-अकेले कहाँ जा रहे हो/ हमें साथ ले लो, जहाँ जा रहे... [पूरी पोस्ट]
writer girish pankaj

गिरीश पंकज

views
48
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
23
[31 May 2010 14:37 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix