हाँ कुछ है जिसे हम पुनर्जन्म कह सकते है...क्या आप मानते है??" : नीता

परिकल्पना श्रीमती नीता (http://neeta-myown.blogspot.com/) ने कहा, "अचानक कोई सामने से आकर हँस देता है..ना जान ना पहचान ...अचानक कभी कोई मदद कर देता है...जब हम कोई टिकिट की बड़ी सी लम्बी कतार में खड़े हों और अचानक कोई आ कर कहे हमें, कि मैंने ये कूपन लिया है ज्यादा... [पूरी पोस्ट]
writer रवीन्द्र प्रभात

दसवां दिन

views
14
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
1
[31 May 2010 05:30 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix