कविताः महाप्रयोग

अशोकनामा विश्व के वैज्ञानिककर रहे हैं महाप्रयोगविज्ञान चाहता है ढूंढनारहस्य महा शून्य केरहस्य उत्पत्ति केताकि बची रहे पूर्ण सृष्टि मेंयह सृष्टिनहीं हो रहा कहीं कोई प्रयोगशून्य में विलीन होतीसंवेदनाओं केरहस्य परसबने मान लिया किबची रही सृष्टि तोसंवेदना शून्य होकर... [पूरी पोस्ट]
writer अशोक जमनानी

कविता

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[31 May 2010 03:28 AM]

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