बीता हुआ ज़माना

उलझन.. याद आता है वो बीता हुआ ज़माना,बिना बात के हँसना और बिना बात के रोना!रूठना और झट से मान जाना.पर आज ! रोने और हँसने के वजहें ढूंढता हूँ,और ख़ुद को नही पता किससे और किस बात पे रूठता हूँ.... [पूरी पोस्ट]
writer Aseem
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[20 May 2010 15:17 PM]

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