किताबों की दुनिया में पाया खजाना

नन्हा मन किताबों की दुनिया में पाया खजाना कमला भसीन किताबों कि दुनिया में पाया खज़ाना ये साथी मेरी औ मेरा आशियाना । किताबों के संग–संग जंगल मैं घूमी थे वाकई वो जंगल न दिखती थी भूमि । बोलती हवाओं के संग–संग मैं झूमी तितली ने आके नजर मेरी चूमी । कोयल और तोते सुनाते... [पूरी पोस्ट]
writer सहज साहित्य

कमला भसीन

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[30 May 2010 06:12 AM]

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