हम कौन थे...क्या हैं...क्या होंगे....(हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष)
आज हिन्दी पत्रकारिता दिवस है। 184 साल हो गए। मुझे लगता है कि हिन्दी पत्रकार में अपने कर्म के प्रति जोश कम है। तमाम बातों पर ध्यान देने की ज़रूरत है। उदंत मार्तंड इसलिए बंद हुआ कि उसे चलाने लायक पैसे पं जुगल किशोर शुक्ल के पास नहीं थे। आज बहुत से लोग पैसा...
[पूरी पोस्ट]
मयंक
7
0
0
0
0
[30 May 2010 02:03 AM]



Shuffle








