देश के साथ खिलवाड़ का माध्यम बना क्रिकेट
करोडोँ विज्ञापनबाजी पर खर्च हो चुके हैं। करोड़ों विज्ञापनबाजी से कमाए भी जा रहे हैं। 1500 करोड़ का तो सिर्फ सट्टा ही लग चुका है। अच्छा होगा यदि सरकार भविष्य में सट्टे व जुए को वैधता मान्य कर मान्यता प्रदान कर दे। इससे सरकार को करोड़ों रूपये राजस्व में...
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क्रिकेटखेल- खिलाडीचर्चाघरआई.पी.एल
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[29 May 2010 22:22 PM]



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