जज साहब को जूता चहिये........

योगेंद्र मौदगिल दादा दिनेश राय द्विवेदी की हार्दिक इच्छा थी कि कचैहरी के सामने भी आईना रखा जाये उन के आदेश पर मैंने प्रयास भर किया है विश्वास है कि दादा के साथ-साथ आप सब भी मेरा समर्थन करेंगें लंपट, चोर, लुटेरे, डाकू मिलते यार कचैहरी मेंकैक्टस भी चंपा के जैसे खिलते यार... [पूरी पोस्ट]
writer योगेन्द्र मौदगिल

ग़ज़ल

views
27
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
23
[29 May 2010 21:29 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix