भाजपा नेताओं का यह कैसा दीवानापन!
''तेरे दीवानों का कम होगाअब ना दीवानापनऐ वतन, मेरे वतन,अच्छे वतन, प्यारे वतन।''कभी एजाज सिद्दीकी के इन शब्दों को अपने होंठों पर निरंतर सम्मान देने वाले भाजपा के कतिपय नेताओं को अब हो क्या गया है?अनुशासन के नाम पर या फिर तथाकथित छवि के नाम पर स्वनामधन्य...
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एस.एन. विनोद !
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[29 May 2010 15:25 PM]



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