कुछ पंक्तियाँ पर्चियों से.....

Meri Kavitayein (आजकल समय का अभाव सा हो गया है। पंक्तियाँ मन में जरूर आती हैं लेकिन विस्तार नहीं ले पायीं। कुछ कागजों पर, डायरी के पीछे, पर्स में रखे कार्ड्स पर। उनमें से कुछ आपके लिए बिना किसी संशोधन के । ) १ Normal 0 false false false EN-IN X-NONE HI /* Style... [पूरी पोस्ट]
writer Navnit Nirav
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[29 May 2010 10:55 AM]

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