पूर्ण सहमति तो एक अपवाद पद है

सृजन और सरोकार ( ‘इतिहास बोध’ में छपी ईश्वरचंद्र पाण्डे की यह महत्वपूर्ण कविता यहां प्रस्तुत की जा रही है। देखिए किस नायाब तरीके से उन्होंने अपनी निराली दृष्टि को अभिव्यक्त किया है। आज के समय की अपेक्षा को बख़ूबी शब्द दिये हैं….यह अभी जनपक्ष में भी दी गई थी, यहां... [पूरी पोस्ट]
writer रवि कुमार, रावतभाटा

कविताअसहमतिकविताएं-अन्य कवियों कीखालीपन

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[29 May 2010 09:47 AM]

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