धनिया का सपना

नारी का कविता ब्लॉग © 2008-10 सर्वाधिकार सुरक्षित! धनिया लेटी है अपनी खाट पर देख रही है सुंदर सपनासोच रही है इस दुनिया में कोई तो होगा अपना,वो खुश है आज, बहुत खुशक्योंकि कुछ ही महीनों के बाद वो बनने वाली है माँ उसके मन में माँ बनने की उमंग है दिल में ममता की तरंग है, सोच... [पूरी पोस्ट]
writer डा.मीना अग्रवाल
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[29 May 2010 06:57 AM]