सेहतमंद हो रहा दवा उद्योग
आज जो भारतीय दवा कंपनी है, कल वही विदेशी चोला ओढ़ सकती है। यह चलन बढ़ रहा है और पिरामल घराने ने फॉर्म्यूलेशन से जुड़ी अपनी संपत्ति (कंपनी नहीं और न ही हिस्सेदारी) 17,000 करोड़ रुपए में एबॉट के हाथों बेचकर अच्छा सौदा किया है। यह किसी भारतीय दवा कंपनी की...
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कुमार राधारमण
विचार-मंच
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[29 May 2010 00:21 AM]



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