स्वदेशी काटन मिल अंतिम पड़ाव पर
मऊ, eastern up : जिले की स्वदेशी काटन मिल अदूरदर्शिता के चलते अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। 25 हजार तकुये से प्रतिदिन लाखों का टर्न ओवर करने वाली मिल आज पाई-पाई को मोहताज है। 600 मजदूरों में अधिकतर को जबरन स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति (वीआरएस) दी जा चुकी है।...
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mazdoornama
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[20 May 2010 14:02 PM]



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