चन्न! कित्थाँ गुजारी अई रात वे, ओ मेरा जी दलीलां दे ....
पंजाबी लोकगीतपंजाबी लोकगीतों की परम्परा अत्यंत समृद्ध तथा अपने प्रतीकों व बिम्बों की दृष्टि से अत्यंत प्रकृष्टतर है. ऐसे ऐसे दुर्लभ बिम्ब इन लोकगीतों में मिलते हैं जो काव्यपरम्परा में भी अतुलनीय ठहरते हैं. जिसे उर्दू में नाज़ुकी कहते हैं, वह इन गीतों की...
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कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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[28 May 2010 08:59 AM]



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