आँखों का हर एक गौहर
दिल में उतर गए तुम , आँखों की राह चलकर । दिल से निकल गए तुम , आँसू की बूँद बन कर॥ आँखों का हर एक गौहर, तेरे लिए छुपाया । आँखों का हर एक गौहर, तुम पर ही था लुटाया ॥ दोनों तरह लुटे हम , तेरी वफ़ा के चलते। तुम तो समझ सके [...]...
[पूरी पोस्ट]
ramadwivedi
संवेदना की अनुभूतिय
17
2
0
2
9
[28 May 2010 07:19 AM]



Shuffle








