आज खुश तो बहुत होंगे लालू, दिग्गी और अरुंधती!
फिर एक ट्रेन पटरी से उतार दी गयी... फिर मासूमों की जान गयी... अभी ६८ की मौत बतायी जा रही है... रात तक शायद गिनती और बढ़ जायेगी... जिनके परिजन मारे गए... उनके घरों में कोहराम मचा होगा... अफ़सोस कमोबेश पूरे मुल्क को होगा... मुस्करा रहे होंगे माओवादी.. नक्सली...
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ऋषभ कृष्ण
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[28 May 2010 04:38 AM]



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