shabdon ke akshat

shabdon ke akshat नव निर्माणएक विशाल जंगलजंगल में एक बरगद का पेड़पेड़ पर सुन्दर सा घोंसलाघोंसले में बसा पक्षी का संसारतेज हवा का झोंका आयाऔर ,सुन्दर घोंसला हो गया तितर-बितरपक्षी की अल्हड़ता का हुआ अंतबिखरे घोंसले को देख करनन्हा पक्षी चिंतित था अब ,नव निर्माण के लिए... [पूरी पोस्ट]
writer swati
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[28 May 2010 02:35 AM]

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