विजयशंकर चतुर्वेदी की कविताओं में माइथोलॉजी और टेक्नॉलॉजी, दोनों का अंगीकार दिखता है
विजयशंकर चतुर्वेदी हिन्द-युग्म के यूनिकवि रह चुके हैं। कवि की कई कविताएँ हिन्द-युग्म पर प्रकाशित हैं। हाल ही में राधाकृष्ण प्रकाशन से कवि का एक कविता-संग्रह 'पृथ्वी के लिए तो रुको' प्रकाशित हुआ है, उसमें कुछ ऐसी कविताएँ भी संकलित हैं जो हिन्द-युग्म पर...
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liladhar jagudi
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[28 May 2010 00:39 AM]



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