पांडेजी ! मै ठीक ठाक व्यख्यान कर रहा हु ना रेलवे का !!!

मुम्बई टाईगर  रेल हमारे देश का दर्पण है. जिस तरह में रेल में बैठने की जगह नही मिलती है, ठीक उसी तर्ज पर हिन्दुस्थान की सरजमी पर रहने को घर नही मिलता है. शायद हम रेलों की इस भीड़ में शामिल होकर अपने अस्तित्व को ही खो दिया है. रेल गाडी  में हर आदमी एक... [पूरी पोस्ट]
writer MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर

मेरी रेल यात्रा

views
69
upvote
7
downvote
0
rating
7
comments
11
[27 May 2010 23:40 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix