कबीर के श्लोक -२३

*साधना* कबीर मै जानिउ पड़िबो भलो, पड़िबे सिउ भल जोगु॥ भगति न छाडऊ राम की, भावै निंदऊ लोगु॥४५॥ कबीर जी पिछ्ले श्लोको मे भोग विलासादि और विषय विकारादि को छोड़ने कि बात कहने के बाद अब पढ़ने की बात पर अपना मत रख रहे हैं।वे कहते है कि मैने सुना था कि धर्म ग्रंथो को पढ़ना... [पूरी पोस्ट]
writer परमजीत सिँह बाली
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[27 May 2010 21:20 PM]

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