कुछ लम्हें जिंदगी के
कभी तो तुम्हारे साथ, इक शाम गुजरेगीवरना ये जिंदगी, किस काम गुजरेगीआँखों मैं लेकर सपने, यूँ चले जा रहे हैंकभी तो इस राह से, मुकाम गुजरेगीइक बार इन आँखों से, मुझको पिला दे साकीजिंदगी तो जिंदगी, मौत भी आराम गुजरेगी...
[पूरी पोस्ट]
AMAR NATH GIRI 'AKASH'
3
0
0
0
0
[08 Aug 2008 00:47 AM]



Shuffle








